डकार (सेनेगल), सेनेगल के डकार में आयोजित हो रहे यूथ ओलंपिक 2026 में भारत की युवा और प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश का मान बढ़ाया है। ओडिशा की रहने वाली महज 15 वर्षीय तन्वी ने विमेंस सिंगल्स के रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में जापान की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी युजुनो वतनबे को 21-14, 11-21, 21-19 से शिकस्त दी। पूरे 54 मिनट तक चले इस कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर उन्होंने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले (फाइनल) में अपनी जगह पक्की कर ली है और अब वे स्वर्ण पदक से केवल एक कदम दूर हैं।
बेंगलुरु के प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में लेती हैं ट्रेनिंग, फाइनल में चीन की मजबूत चुनौती का करेंगी सामना
ओडिशा से ताल्लुक रखने वाली और बेंगलुरु में कड़ी ट्रेनिंग लेने वाली तन्वी पत्री यूथ ओलंपिक के इतिहास में सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बन गई हैं। इससे पहले वे सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भी पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं। स्वर्ण पदक के लिए होने वाले फाइनल मुकाबले में उनका सामना चीन की शीर्ष खिलाड़ी और मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन यी शिन झांग से होगा। हालांकि इस साल एशिया जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में तन्वी को झांग के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वर्तमान फॉर्म को देखते हुए फैंस को उनसे एक ऐतिहासिक प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है।
इससे पहले प्रणय और लक्ष्य सेन रच चुके हैं कीर्तिमान, युवा शटलर के शानदार प्रदर्शन से देश भर में जश्न का माहौल
यूथ ओलंपिक के बैडमिंटन इतिहास में इससे पहले भारत की ओर से केवल पुरुष शटलर ही सेमीफाइनल तक पहुंच पाए हैं, जिनमें 2010 के रजत पदक विजेता एचएस प्रणय, 2018 के रजत पदक विजेता लक्ष्य सेन और 2014 के सेमीफाइनालिस्ट आदित्य जोशी शामिल हैं। अब तन्वी पत्री ने महिला वर्ग में नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। इससे पहले तन्वी ने चीन में आयोजित अंडर-17 और अंडर-15 एशियाई चैंपियनशिप के दोनों खिताब जीतकर भी इतिहास रचा था। उनके इस शानदार सफर और फाइनल मुकाबले पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

