खड़गपुर, (वार्ता) अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने सोमवार को युवाओं से विदेशी तकनीक, ऊर्जा और डेटा प्रणालियों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता के खिलाफ ‘दूसरे स्वतंत्रता संग्राम’ की शुरुआत करने का आह्वान किया।
आईआईटी खड़गपुर के हीरक जयंती समारोह में श्री अडानी ने कहा कि भारत ने भले ही 1947 में राजनीतिक बंधनों की बेड़ियाँ तोड़ दी थीं, लेकिन 2025 में भी आयातित सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और सैन्य प्रणालियों पर निर्भरता के कारण यह बाहरी शक्तियों के सामने असुरक्षित बना हुआ है। उन्होंने कहा, “आज हमें जो युद्ध लड़ने हैं, वे अक्सर अदृश्य होते हैं। ये युद्ध सर्वर फार्म में लड़े जाते हैं, खाइयों में नहीं। ये हथियार एल्गोरिदम हैं, बंदूकें नहीं। ये साम्राज्य जमीन पर नहीं, बल्कि डेटा सेंटरों में बनते हैं।”
आईआईटी छात्रों को ‘देश के नये स्वतंत्रता सेनानी’ बताते हुए श्री अडानी ने कहा कि उनके हथियार विचार और नवाचार हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनें। उन्होंने कहा, “एक रास्ता आपको वेतन तक ले जाता है, दूसरा आपको विरासत तक ले जाता है और सिर्फ एक रास्ता है जो भारत निर्माण के गौरव की राह दिखाता है।”
इस मौके पर अरबपति उद्योगपति ने छात्रों के साथ सफल कारोबारी बनने के मंत्र भी साझा किए। उन्होंने कहा कि अपनी जीवन यात्रा में उन्हें एक गहरी बात का एहसास हुआ है कि अच्छा बिजनेसमैन वही बन सकता है जो सचमुच स्वतंत्र विचारों वाला हो और उसमें जोखिम उठाने, तेजी से निर्णय लेने और नुकसान के साथ सहज रहने की क्षमता हो।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कोई भी कंपनी तभी तरक्की हासिल कर सकती है जब वह किसी दूरदर्शी सरकार की नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चले।
श्री अडानी ने आईआईटी प्लैटिनम जुबली चेंज मेकर्स फेलोशिप की शुरुआत की घोषणा भी की। इसे सभी आईआईटी संस्थानों में शुरू किया जायेगा और आईआईटी खड़गपुर द्वारा समन्वित किया जायेगा, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जुड़ी परियोजनाओं में शीर्ष प्रतिभाओं को शामिल किया जा सके। इस फेलोशिप के तहत देश की शीर्ष प्रतिभाओं को नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट मोबिलिटी से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में शामिल किया जायेगा।
