विश्व फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 5 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने 23 साल लंबे और बेहद चमकदार अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया।
हालांकि, उनके प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि वह सऊदी अरब के क्लब अल-नासर (Al-Nassr FC) के लिए पेशेवर क्लब फुटबॉल खेलना जारी रखेंगे।
दागे हैं सबसे ज्यादा 146 गोल
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने साल 2003 में महज 18 साल की उम्र में पुर्तगाल की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए अपना डेब्यू किया था। दो दशकों से भी अधिक समय तक चली इस अविश्वसनीय यात्रा में उन्होंने पुर्तगाल के लिए कुल 234 मैच खेले और 146 अंतरराष्ट्रीय गोल दागे।
पुरुष विश्व फुटबॉल के इतिहास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक गोल करने का सर्वकालिक रिकॉर्ड उन्हीं के नाम दर्ज है। उनकी प्रतिष्ठित नंबर-7 जर्सी ने पुर्तगाली फुटबॉल को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी।
यूरो 2016 और नेशंस लीग का जिताया खिताब
पुर्तगाल की कप्तानी संभालते हुए रोनाल्डो ने अपनी देश की टीम को ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी अगुवाई में पुर्तगाल ने साल 2016 की यूरोपीय चैंपियनशिप में Euro 2016 का खिताब जीतकर पहली बार कोई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी अपने नाम की थी।
इसके अलावा उन्होंने अपनी टीम को यूईएफए नेशंस लीग का खिताब जिताने में भी मुख्य भूमिका निभाई, जिसने उन्हें देश का सबसे बड़ा खेल नायक बना दिया।
970 से अधिक करियर गोल का महारिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ क्लब करियर में भी रोनाल्डो का दबदबा कायम रहा है। स्पोर्टिंग लिस्बन, मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और जुवेंटस जैसे यूरोप के शीर्ष क्लबों के लिए खेलते हुए उन्होंने ट्रॉफियों की झड़ी लगाई। अपने करियर में 5 बार प्रतिष्ठित Ballon d’Or का खिताब जीतने वाले रोनाल्डो ने 5 यूईएफए चैंपियंस लीग ट्रॉफियां भी अपने नाम की हैं। उनके कुल करियर गोल की संख्या 970 से अधिक हो चुकी है।
अल-नासर में जारी रहेगा रोनाल्डो का जादू
भले ही रोनाल्डो ने पुर्तगाल की लाल और हरी जर्सी को अलविदा कह दिया है, लेकिन सऊदी प्रो लीग में अल-नासर क्लब की ओर से उनका जादू जारी रहेगा। हाल ही में अक्टूबर 2026 में अल-खोलूद के खिलाफ खेली गई अपनी शानदार हैट्रिक से उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका गोल दागने का हुनर कम नहीं हुआ है।
रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय संन्यास के साथ ही एक महान दौर थम गया है, लेकिन उनके आंकड़े हमेशा भावी पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
