जबलपुर: शहर की होटलों, रेस्टारेंट से तो प्रतिदिन कचरा उठाया जा रहा है लेकिन कॉलोनी, अपार्टमेंट या प्रमुख जगहों में नगर निगम का कचरा वाहन दस्तक नहीं दे पा रहा है। नतीजा ये निकलकर आ रहा है कि कई दिनों से लोगों के घरों से निकलने वाले कचरे का बड़ा ढ़ेर लगता जा रहा है और यही कचरे का ढेर अब संक्रामक बीमारियों का खुला निमंत्रण देते भी नजर आ रहा है।
शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करते हुए माता गुजरी कॉलेज के पास कॉलोनी निवासी राकेश गौतम ने नवभारत को बताया कि कचरा उठाने वाले कर्मियों को कचरा उठाने के एवज में जो खर्चा देते हैं उनके यहां से ही प्रतिदिन कचरा उठाया जाता है और जहां से कुछ नहीं मिलता वहां कचरा वाहन नहीं जाता और आलम कचरे का ढेर वहां जमा हो जाता है। बताया जा रहा है कि होटलों, रेस्टारेंटों से कचरा उठाने वाले निगम के कर्मियों को अच्छा खासा खर्चा मिल जाता है इसलिए वे शहरवासियों की जगह इन्हीें स्थानों में फोकस करते हैं और सिर्फ रस्मअदायगी के लिए शहरवासियों को दस, बीस दिनों में एक बार सेवाएं देते हैं।
कई दिनों से कर रहे हैं मांग
जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से नेपियर टाउन, माता गुजरी कॉलेज के पास, नवीन विद्या भवन रोड, शुभ लक्ष्मी अपार्टमेंट के रहवासी नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि उनके यहां कचरे का बड़ा ढेर लग गया है उसे हटाया जाए लेकिन आज तक वहां न तो कोई सफाई कर्मी पहुंचा है और न ही वहां जमे कचरे को हटाया गया है। ऐसे में ये सवाल बिल्कुल खड़े हो रहे हैं कि जबलपुर को ऐसे में कैसे स्वच्छता में देश के भीतर नंबर 1 स्थान पर लाया जाएगा।
