
देवास। त्योहारों पर लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा मिठाई दुकानों पर लगातार जांच, सैंपलिंग और कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद शहर में प्रतिबंधित एनालॉग मावे से मिठाइयां तैयार कर बेचने का मामला सामने आना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। गुरुवार को नयापुरा चौक स्थित एक मिठाई की दुकान से प्रतिबंधित एनालॉग मावे से तैयार मिठाई जब्त की गई। टीम ने दुकान के गोदाम को भी सील कर दिया।
दीपावली के त्योहार के मद्देनजर प्रशासन की सैंपलिंग की कार्रवाई लगातार जारी है। टीम ने गुरुवार को जिस दुकान पर छापा मारा था, उसमें सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि इसी दुकान पर रक्षाबंधन के दौरान भी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित एनालॉग मावा पकड़ा गया था। इसके बावजूद कुछ ही महीनों बाद फिर इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई मिलने से सवाल उठ रहे हैं कि पिछली कार्रवाई के बाद दुकान की गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं रखी गई। प्रशासन ने राजस्थान स्वीट्स पर भी कार्रवाई करते हुए करीब 150 किलो मावा, मिठाई आदि सामग्री को फ्रिज में ही सील किया।
रक्षाबंधन में कार्रवाई, फिर दीपावली पर दोबारा वही मामला-
नयापुरा चौक स्थित न्यू स्वदेशी स्वीट्स पर गुरुवार को नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर और खाद्य प्रशासन विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम ने दुकान और उससे संबंधित गोदाम में जांच की तो प्रतिबंधित एनालॉग मावे से तैयार की गई करीब 550 किलो मिठाई मिली। इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई मिलने पर प्रशासन ने उसे जब्त करने की कार्रवाई की और गोदाम को सील कर दिया। यहां इलेक्ट्रॉनिक तौलकांटे में भी अनियमितता मिलने पर नापतौल विभाग ने जब्त करने की कार्रवाई की है।
नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर के मुताबिक दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस मामले में दुकान का पिछला रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण है। रक्षाबंधन के दौरान भी इसी प्रतिष्ठान पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित एनालॉग मावा जब्त किया था। उस समय हुई कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि प्रतिष्ठान पर आगे निगरानी रखी जाएगी और दोबारा ऐसी स्थिति सामने नहीं आएगी। लेकिन दीपावली से ठीक पहले फिर इसी दुकान पर प्रतिबंधित मावे से तैयार मिठाई की इतनी बड़ी खेप मिलना कई सवाल खड़े करता है। इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई तैयार होने तक इसकी जानकारी जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं मिली?
राजस्थान स्वीट्स पर भी मिली 150 किलो सामग्री-
प्रशासन की टीम ने राजस्थान स्वीट्स पर भी जांच की। यहां करीब 150 किलो मावा, मिठाई आदि सामग्री मिली, जिसे फ्रिज में ही सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद त्योहार के दौरान शहर में मिठाइयों की गुणवत्ता और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सैंपलिंग के साथ नियमित निगरानी पर भी सवाल-
दीपावली ऐसा त्योहार है, जब घरों में मिठाई खरीदने की मात्रा सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। लोग दुकानों से मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह दुकानदारों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में यदि प्रतिबंधित सामग्री से मिठाइयां तैयार कर बाजार में पहुंचाई जा रही हैं तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है। प्रशासन द्वारा त्योहार के मद्देनजर दुकानों पर जांच और सैंपलिंग की जा रही है, लेकिन न्यू स्वदेशी स्वीट्स का मामला केवल एक दिन की छापेमारी तक सीमित नहीं है। खाद्य प्रशासन की जिम्मेदारी केवल नमूने लेकर जांच के लिए भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिन प्रतिष्ठानों पर पहले भी गंभीर अनियमितताएं मिल चुकी हैं, उनकी गतिविधियों पर आगे भी नजर रखना जरूरी है।
