नयी दिल्ली, 17 अक्टबूर (वार्ता) देश भर के व्यापारियों के संगठन अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने उम्मीद जतायी है कि आसमान छूती कीमतों के बावजूद इस साल दीपावली पर 50 हजार करोड़ रुपये के सोने-चांदी की बिक्री होगी।
दीपावली से दो दिन पहले शनिवार को धनतेरस है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, रसोई उपकरण आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
कैट तथा उसके ज्वेलरी विंग ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने अनुमान जताया है कि इस अवसर पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के सोने-चांदी का व्यापार होगा।
कैट की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसने देशभर के सर्राफा बाजारों में किये गये सर्वेक्षण के आधार पर यह अनुमान व्यक्त किया है। इसके अनुसार, इस वर्ष धनतेरस पर सोने–चांदी के सिक्कों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है, जबकि स्वर्ण आभूषणों की बिक्री में कुछ गिरावट का अनुमान है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल तथा एआईजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोरा ने बताया कि सोना–चांदी के रिकॉर्ड ऊंचे दामों के चलते मध्यम और उच्च वर्ग के ग्राहक निवेश के रूप में अब ठोस सिक्कों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, गहनों की मांग में कमी दर्ज की जा रही है। विवाह के अवसर पर गहने खरीदने वाले अब भारी आभूषणों की जगह हल्के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले साल दीपावली पर सोने का भाव लगभग 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो इस साल बढ़कर 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गया है – यानी करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, चांदी की कीमत 2024 में 98,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर अब 1,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है, यानी लगभग 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इन बढ़ी कीमतों के चलते निवेशक बड़ी संख्या में सर्राफा बाजार की ओर आकर्षित हुए हैं।
श्री अरोरा ने बताया कि देशभर में करीब पांच लाख छोटे-बड़े सर्राफा कारोबारी सक्रिय हैं। यदि प्रत्येक कारोबारी औसतन 50 ग्राम सोना बेचता है, तो कुल मिलाकर लगभग 25 टन सोने की बिक्री होगी, जिसकी मौजूदा भाव से अनुमानित कीमत 32,500 करोड़ रुपये होगी। इसी प्रकार, प्रत्येक सर्राफा कारोबारी द्वारा औसतन दो किलोग्राम चांदी बेचने पर लगभग 1,000 टन चांदी की बिक्री होगी, जिसकी मौजूदा कीमत 18,000 करोड़ रुपये के आसपास है। इस प्रकार, देशभर के सर्राफा बाजारों में कुल मिलाकर लगभग 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार का अनुमान है।

