
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट की नवीन इमारत निर्माणाधीन है। इसके साथ ही पुरानी हेरीटेज इमारत खाली हो जाएगी। इसका सदुपयोग सुप्रीम कोर्ट की सर्किट बेंच के रूप में किया जा सकता है। यहां मांग हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के सचिव अधिवक्ता परितोष त्रिवेदी ने की है। इस सिलसिले में उन्होंने राष्ट्रपति व सीजेआई को पत्र भेजा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की स्थापना के 70 वें वर्ष पर उन्होंने यह आवश्यकता रेखांकित की है। पत्र में उस विधि का उल्लेख किया गया है, जिसके जरिए सीजेआई चाहें तो राष्ट्रपति के अनुमोदन से नवाचार कर सकते हैं। विधि आयोग की इस संबंध में जारी अनुशंसा का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने आशा जताई है कि इस पत्र को गंभीरता से लेकर देश के मध्य में सुप्रीम कोर्ट की सर्किट बेंच का सपना साकार होगा। जबलपुर सहित समूचे प्रदेश का विधि जगत इस कदम का स्वागत करेगा।
