ग्वालियर: गिरवाई स्थित पटाखा होलसेल मार्केट में करोड़ों रुपये के कारोबार के बीच कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पटाखा लाइसेंस की कथित खरीद-फरोख्त और किराए पर संचालन, छोटे दुकानदारों को बिना बिल माल देने तथा वास्तविक लेन-देन से कम राशि के बिल जारी करने जैसे मामले सामने आ रहे हैं।
आरोप है कि करोड़ों रुपये के पटाखा कारोबार में बिलिंग की पारदर्शिता पर सवाल हैं। वहीं, मार्केट के आसपास संचालित गोदामों में कथित तौर पर अतिरिक्त स्टॉक रखकर जरूरत के अनुसार बाजार में आपूर्ति किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। , संभावित टैक्स अनियमितताओं और सरकारी राजस्व को नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पटाखों जैसे संवेदनशील कारोबार में लाइसेंस की कथित खरीद-फरोख्त और अनधिकृत संचालन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसे में प्रशासन, संबंधित लाइसेंसिंग विभाग और कर विभाग द्वारा लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल तथा आसपास के गोदामों की व्यापक जांच आवश्यक है।
अब सवाल यह है कि क्या गिरवाई पटाखा मार्केट में लाइसेंस से लेकर बिलिंग और गोदामों तक कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होगी?
