
बालाघाट, कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में महिला को घर से उठाकर मारने वाली बाघिन का सोमवार को सफल रेस्क्यू कर वन विभाग द्वारा उसे वन विहार, भोपाल भेज दिया गया है। वन विभाग द्वारा बाघिन के कैनाइन दांत अत्यधिक घिसे होने के कारण उसके द्वारा आसान शिकार की तलाश में गांवों की ओर आने की आशंका जताई गई थी।
जानकारी अनुसार शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि परसवाड़ा के कुमादेही से सटे ग्राम पर्रापुर (स्कूल टोला) में 14 वर्षीय मादा बाघिन टी-27 ने घर में सो रही सुगनी बाई बैगा पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।
घटना के तत्काल बाद कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कैमरा ट्रैप लगाए, विशेष गश्ती दल और हाथी दल की मदद से सघन सर्चिंग अभियान शुरू किया गया । निगरानी के दौरान बाघिन टी-27 गांव के आसपास घूमती पाई गई। जानकारी सामने आई कि यह बाघिन पहले भी ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास देखी जाती रही थी और घटना से एक रात पहले भी गांव के समीप शिकार करने का प्रयास किया था।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक से अनुमति मिलने के बाद सोमवार दोपहर क्षेत्र संचालक रवींद्र मणि त्रिपाठी और उपसंचालक (बफर) अमिता के. बी. के मार्गदर्शन में हाथी दल की सहायता से बाघिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया । वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बाघिन को निश्चेत कर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, स्वास्थ्य परीक्षण में बाघिन के कैनाइन दांत बुरी तरह घिसे हुए पाए गए।
वन विभाग के अनुसार बाघिन के दांत कमजोर होने के कारण बाघिन जंगली शिकार करने में असमर्थ हो रही थी, जिससे वह आसान शिकार की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आ रही थी। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाघिन को विशेष वाहन से वन विहार, भोपाल भेज दिया गया।
कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें और स्वयं किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। विभाग ने मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रकट की है ।
