आइची-नागोया, (जापान) 24 सितंबर (वार्ता) सतनाम सिंह और सलमान खान ने गुरुवार को यहां पुरुषों के डबल स्कल्स में कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीतकर भारतीय रोइंग के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया और देश को एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का पहला पदक दिलाया।
आज यहां भारतीय जोड़ी ने कड़े मुकाबले वाले फाइनल में 6:13.25 का समय लिया। वे पूरे समय मेडल की दौड़ में बने रहे, लेकिन आखिर में तीसरे स्थान पर रहे।
चीन के यी ज़ुदी और यिदे नी ने 6:09.77 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोज़बेक ममतकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
भारत ने आक्रामक शुरुआत की और 500 मीटर के निशान पर दूसरे स्थान पर रहा। सतनाम और सलमान ने बीच के चरणों में भी अपनी चुनौती बनाए रखी और 1,000 मीटर और 1,500 मीटर पर भी दूसरे स्थान पर रहे।
चीनी टीम के आगे रहने के कारण भारत रजत पदक की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन अंतिम 500 मीटर में उज़्बेकिस्तान की टीम आगे निकल गई। भारतीय जोड़ी ने मेडल की स्थिति में बने रहने के लिए संघर्ष किया, लेकिन अंततः तीसरे स्थान पर रही। यह कांस्य पदक भारतीय रोइंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि देश ने पुरुषों के डबल स्कल्स में अपना पहला एशियाई खेल पदक हासिल किया।
सतनाम के लिए, यह लगातार दूसरा एशियाई खेल पदक था। वह 2023 में हांग्जो खेलों में भारत की कांस्य पदक जीतने वाली पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स टीम का हिस्सा थे। वहीं, सलमान ने अपने पहले एशियाई खेल पदक का जश्न मनाया। उनका यह सफ़र 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप के ज़रिए रोइंग में शामिल होने के साथ शुरू हुआ था।
सतनाम ने हैंडबॉल छोड़कर रोइंग को अपनाया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2018 यूथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और बाद में सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में पुरुषों का सिंगल स्कल्स खिताब जीता।
