
जबलपुर। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय पराली प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर विश्वकर्मा ने कहा कि धान की कटाई शुरू होने के साथ ही पराली जलाने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। जबलपुर जिला प्रदेश के उन पांच जिलों में शामिल है, जहां पराली जलाने की घटनाएं सर्वाधिक दर्ज की जाती हैं। पिछले वर्ष पूरे संभाग में भी ऐसी घटनाओं की संख्या तीन हजार से अधिक रही। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बदलाव लाने के लिए सभी संबंधित विभागों, किसानों और कृषक संगठनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित होने वाले सभी हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एवं राजस्व अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर हार्वेस्टरों की जांच और निगरानी की जाए।
