मुंबई, 02 नवंबर (वार्ता)सोनी सब के धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे अभिनेता मनीष वाधवा का कहना है कि आज की पीढ़ी अपने विचार व्यक्त करने और सवाल पूछने में पहले से अधिक सहज है। मनीष वाधवा का मानना है कि विचारों को साझा करना और सवाल पूछना जरूरी है, क्योंकि इससे एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है। धारावाहिक में पांडवों और कौरवों के शुरुआती जीवन तथा उनके रिश्तों को दिखाया जा रहा है। कहानी में भीष्म पितामह हस्तिनापुर के बच्चों का मार्गदर्शन करते नजर आते हैं। इसी दौरान राधे (वेंकटेश पांडे) उनसे सवाल करता है और अपने विचार खुलकर रखता है। राधे का यह व्यवहार भीष्म के दृष्टिकोण को चुनौती देता है और उनके रिश्ते को नया आयाम प्रदान करता है।
मनीष वाधवा ने इस प्रसंग को अपने निजी जीवन से जोड़ते हुए बताया कि उनका बेटा भी अक्सर उनसे सवाल करता है और अपनी राय ईमानदारी से रखता है। उन्होंने कहा कि पहले की पीढ़ियों में बच्चों से अपेक्षा की जाती थी कि वे बड़ों की बात बिना सवाल किए सुनें, लेकिन आज के बच्चे अपनी सोच और भावनाओं को खुलकर व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आज की पीढ़ी अपने विचार व्यक्त करने और सवाल पूछने के मामले में कहीं अधिक खुली हुई है। मैं यह बात अपने बेटे और बेटी, दोनों में देखता हूं। मेरा बेटा अक्सर मुझसे पूछता है कि मैं किसी बात को एक खास तरीके से क्यों सोचता हूं और वह भी अपनी राय बहुत ईमानदारी से साझा करता है। हमारी पीढ़ी में आमतौर पर हमसे यह उम्मीद की जाती थी कि हम अपने बड़ों की बात बिना सवाल किए सुनें। लेकिन, अपने विचार साझा करना और सवाल पूछना जरूरी है, क्योंकि इससे हम एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।” धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में महाभारत के प्रमुख पात्रों के बचपन और उनके जीवन को आकार देने वाले अनुभवों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह धारावाहिक सोमवार से शनिवार रात नौ बजे सोनी सब पर प्रसारित होता है।

