अस्ताना, 30 अक्टूबर (वार्ता) मनीषा भनवाला ने शुक्रवार को भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गईं। उन्होंने 59 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में एक रोमांचक जीत हासिल की।
अमेरिका की एबिगेल एलिज़ाबेथ नेट के खिलाफ खिताबी मुकाबले में, मनीषा ने जबरदस्त साहस और बेहतरीन रणनीति का प्रदर्शन किया। 0-6 से पिछड़ने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और अंततः 8-6 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही उन्होंने भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक नई मिसाल कायम की है।
मनीषा की इस ऐतिहासिक जीत से पहले, भारत ने कभी भी विश्व स्तर की इस प्रतियोगिता में महिला कुश्ती में स्वर्ण पदक नहीं जीता था। उन्होंने आखिरकार उस बाधा को पार कर लिया, जिसे 2021 में अंशु मलिक पार नहीं कर पाई थीं। साथ ही, उनकी मौजूदा साथी पहलवान काजल ढोचक और नीलम सिरोही भी इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई थीं और उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा था।
मनीषा का यह ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन का एक बेहतरीन समापन है। भारतीय महिला टीम ने इस टूर्नामेंट में कुल चार पदक जीते हैं।
पुरुषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धा में, 97 किग्रा भार वर्ग के रेपेचेज राउंड में विक्की हुड्डा का सफर समाप्त हो गया। ईरान के दिग्गज पहलवान हसन यज़दानी के खिलाफ मुकाबले में, विक्की को ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ (तकनीकी श्रेष्ठता) के आधार पर 0-10 से हार का सामना करना पड़ा।
वहीं, पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती में 61 किग्रा, 70 किग्रा, 86 किग्रा और 125 किग्रा भार वर्ग में भारतीय पहलवान शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए और शुक्रवार के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सके।
विश्व चैंपियनशिप में भारत के पदकों की अंतिम सूची:
महिला कुश्ती (4 पदक)
स्वर्ण (1): मनीषा भनवाला (59 किग्रा)
रजत (2): काजल ढोचक, नीलम सिरोही
कांस्य (1): तनु शर्मा (72 किग्रा)
