नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (वार्ता) सेना ने पाकिस्तान स्थित सोशल मीडिया खातों से फैलाए जा रहे उन भ्रामक दावों का पर्दाफाश किया है जिनमें उत्तराखंड के जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे को विद्रोहियों का हमला बताकर गलत जानकारी फैलायी जा रही है।
इन फर्जी पोस्टों में यह भी दावा किया गया है कि इस हेलिकॉप्टर में मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा का परिवार सवार था। सेना ने स्पष्ट किया है कि ये दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
सेना के अनुसार शुक्रवार को हुआ वास्तविक हादसा ट्रांस भारत एविएशन के हेलिकॉप्टर के साथ हुआ था। यह हेलिकॉप्टर बदरीनाथ से सहस्त्रधारा जा रहा था। इसमें सवार सभी छह लोगों की मौत हो गयी।
पाकिस्तान स्थित कई सोशल मीडिया खातों ने दावा किया था कि लेफ्टिनेंट जनरल मित्रा और उनका परिवार बदरीनाथ से देहरादून जा रहे हेलिकॉप्टर में सवार था। जोशीमठ के पास विद्रोहियों ने विमान पर हमला कर दिया। सेना ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया।
हादसा शुक्रवार दोपहर चमोली जिले के चाय गांव के पास हुआ। अधिकारियों के मुताबिक हेलिकॉप्टर ने दोपहर बदरीनाथ से सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी पार करते समय उसका संपर्क टूट गया।
