नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन कराने का इंतजार कर रहे नागरिकों के लिए चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समय-सारणी में संशोधन करते हुए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया है। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली के नागरिक अब 25 नवंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद प्राप्त सभी आवेदनों का निस्तारण 15 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा और दिल्ली की अंतिम संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन 22 दिसंबर 2026 को किया जाएगा।
ड्राफ्ट सूची से हटाए गए थे 47.6 लाख नाम, 33.1 लाख नोटिसों में से 94 प्रतिशत मामलों का किया गया त्वरित निपटारा
विशेष सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया की शुरुआत में दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। हालांकि, 31 अगस्त को जारी हुई ड्राफ्ट सूची में 47.6 लाख मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणियों के तहत हटा दिए गए थे, जिससे ड्राफ्ट में 97.5 लाख मतदाता शेष बचे थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, ड्राफ्ट सूची के 33.1 लाख मामलों में लॉजिकल विसंगतियों और अनमैप्ड डेटा के कारण नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 26 अक्टूबर तक लगभग 31.2 लाख (94 प्रतिशत) नोटिसों का सफलतापूर्वक समाधान कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने हेतु अधिकृत कर दिया गया है।
प्रशासन को मिला व्यापक प्रचार-प्रसार का सख्त निर्देश, 19 राज्यों में मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन बनाने की मुहिम जारी
चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि इस संशोधित कार्यक्रम का राजपत्र में प्रकाशन कराने के साथ-साथ आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए दिल्ली सहित देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका नाम सूची में छूट गया है या कोई सुधार बाकी है, तो वे 25 नवंबर से पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज करा लें।

