थिंक गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर साइबर ठगी, खाते से उड़ाए रुपए

राजगढ़। साइबर ठग अब लोगों को निशाना बनाने के लिए उनकी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाओं का सहारा ले रहे हैं। जिला मुख्यालय पर थिंक गैस के एक उपभोक्ता के परिजनों को गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगों ने व्हाट्सऐप पर फर्जी नोटिस भेजकर पुराने बिल और मीटर रीडिंग अपडेट नहीं होने का हवाला दिया। इसके बाद फोन कर परिजनों को बताए गए निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। परिजन ठगों के झांसे में आ गए और उनके बैंक खाते से दो बार में कुल 3,800 रुपए कट गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित पक्ष ने ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। वहीं, थिंक गैस कंपनी ने भी उपभोक्ताओं को संदिग्ध कॉल और फर्जी लिंक से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है।

दरअसल, शिवधाम निवासी शिक्षक गिरिराज शर्मा के मोबाइल पर बुधवार को थिंक गैस के नाम से एक व्हाट्सऐप मैसेज आया। इसमें बताया गया कि पिछले महीने का बिल और मीटर रीडिंग अपडेट नहीं होने के कारण रात 9:30 बजे गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा। मैसेज में एक मोबाइल नंबर देकर संबंधित अधिकारी से तत्काल संपर्क करने को कहा गया था। इसके बाद दिए गए नंबर से फोन भी आया और परिजनों को व्हाट्सऐप पर भेजे गए निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया।

गैस खत्म होने के दिन ही आया मैसेज

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरिराज शर्मा के घर बुधवार को ही गैस खत्म हुई थी। इसी दिन बिल अपडेट नहीं होने और कनेक्शन बंद किए जाने का संदेश मिलने से परिजनों को उस पर भरोसा हो गया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि गैस कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की जा रही है। ठगों ने इसी स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

खाते से दो बार में निकले 3,800 रुपए

ठगी के दौरान बैंक खाते से दो अलग-अलग बार रकम कट गई। पहली बार 3,000 रुपए और दूसरी बार 800 रुपए निकाले गए। गनीमत रही कि खाते में केवल 3,800 रुपए ही थे, अन्यथा नुकसान और अधिक हो सकता था। राशि कटने के बाद गिरिराज शर्मा के परिजनों ने थिंक गैस के कर्मचारियों से संपर्क किया। देर शाम जब धोखाधड़ी का पता चला तो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई। ठगी के अगले दिन गुरुवार को भी संबंधित नंबर से फोन और मैसेज आते रहे।

कंपनी ने जारी की चेतावनी

मामले की जानकारी मिलने के बाद थिंक गैस कंपनी ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि थिंक गैस के नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल या फर्जी लिंक पर क्लिक न करें और किसी के साथ ओटीपी साझा न करें। मीटर रिचार्ज और बिल भुगतान के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का ही इस्तेमाल करें। इनमें सहज लिबर्टी मोबाइल ऐप, फोनपे, गूगल पे और थिंक गैस की आधिकारिक बिलर वेबसाइट शामिल हैं।

महत्वपूर्ण सवाल……?

ठगों के पास उपभोक्ताओं से जुड़ी जानकारी कैसे पहुंची?

इस घटना ने साइबर ठगों के पास उपभोक्ताओं से संबंधित जानकारी पहुंचने को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। गिरिराज शर्मा के घर जिस दिन गैस खत्म हुई, उसी दिन उन्हें बिल अपडेट नहीं होने का संदेश मिला और कनेक्शन बंद होने की चेतावनी दी गई। इस संयोग के कारण परिजनों को मैसेज वास्तविक लगा। हालांकि, ठगों को यह जानकारी कैसे मिली और दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध था या नहीं, यह जांच का विषय है।

किसी भी अनजान लिंक, ईमेल या मैसेज पर क्लिक न करें। सोशल मीडिया और बैंक खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखें और उन्हें किसी के साथ साझा न करें। बैंक ओटीपी, पिन या सीवीवी किसी को भी न बताएं, भले ही सामने वाला खुद को बैंक या किसी कंपनी का कर्मचारी बताए। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या पुलिस को सूचना दें।

जितेंद्र अजनारे, पुलिस साइबर सेल, राजगढ़

 

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