जबलपुर: जीवनदायिनी माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने के संकल्प के साथ महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू द्वारा उठाये गए कदम अब धरातल पर एक ऐतिहासिक मिसाल बन चुके हैं। मॉं नर्मदा के किनारे नालों पर स्थापित एसटीपी प्लांट का महापौर द्वारा औचक निरीक्षण किया गया, जहाँ सभी प्लांट्स पूरी तरह संचालित और संतोषजनक स्थिति में पाए गए। निरीक्षण के दौरान नावघाट और खारी घाट से पानी के सैम्पल लेकर मौके पर ही जाँच की गई। जाँच रिपोर्ट में माँ नर्मदा में मिलने वाला पानी मानकों पर बिल्कुल खरा और दुरुस्त निकला।
जबलपुर अब देश का ऐसा पहला शहर बन गया है, जहाँ गंदे नालों के पानी को शत-प्रतिशत फिल्टर करने के बाद ही माँ नर्मदा में प्रवाहित किया जा रहा है। नालों का दूषित जल अब अति- आधुनिक एसटीपी प्लांट की तकनीक से पूरी तरह साफ, निर्मल और सुरक्षित होकर माँ नर्मदा में समाहित हो रहा है।
नर्मदा हमारी आस्था और जीवन की आधारशिला
महापौर ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया है कि शेष बचे अन्य सभी एसटीपी प्लांट्स का भी जल्द ही व्यापक निरीक्षण किया जाएगा। महापौर ने कहा कि माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, हमारी आस्था और जीवन की आधारशिला हैं। यह गर्व की बात है कि जबलपुर नालों के पानी को पूरी तरह ट्रीट कर नर्मदा जी में प्रवाहित करने वाला पहला शहर बना है। हम इसके जल की निर्मलता और पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर एम.आई.सी. सदस्य एवं जलप्रभारी दामोदर सोनी, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव के साथ अन्य तकनीकि टीम उपस्थित रही।
