
यूक्रेनी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका की मध्यस्थता में जारी शांति प्रयास अस्थायी रूप से थम गए हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में अमेरिका की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच तीन दौर की वार्ता हुई थी। हालांकि, दोनों पक्षों द्वारा 28 फरवरी से मध्य पूर्व में शुरू हुए सशस्त्र संघर्ष और ईरान से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका का ध्यान केंद्रित होने के कारण यह वार्ता रुक गई थी।
श्री जेलेंस्की ने अपने खुफिया विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में होने वाले चुनावों के बाद देश में अतिरिक्त सैनिकों को भेजने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्री पुतिन यह दिखाना चाहते हैं कि रूसी जनता युद्ध का समर्थन करती है। श्री जेलेंस्की के अनुसार, “तथाकथित चुनावों के बाद, श्री पुतिन इस साल के अंत तक कई लाख अतिरिक्त रूसियों की तेजी से भेजने की योजना बना रहे हैं और अगले साल भी इतने ही लोगों की भर्ती की जाएगी। यह उन भर्तियों के अतिरिक्त होगा जो वे अनुबंध से करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि रूस ने 2022 में सैन्य भर्ती का आह्वान किया था, जिसके तहत लगभग तीन लाख सैनिकों की भर्ती की गई थी। यूक्रेन समय-समय पर दावा करता रहा है कि रूस नई भर्तियां शुरू करेगा।
रूसी अधिकारियों ने हालांकि इन दावों को खारिज किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पहले ही कहा था कि यह विषय उनके एजेंडे में नहीं है। वहीं, रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने भी कहा था कि देश में किसी नई लामबंदी की आवश्यकता नहीं है और ऐसे बयानों को “झूठा उकसावा और दुष्प्रचार” करार दिया था।
