जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टैक्नालाजी भोपाल को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता को 25 अगस्त को होने वाले साक्षात्कार में शामिल किया जाए। साक्षात्कार का परिणाम विचाराधीन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।याचिकाकर्ता रायपुर निवासी आयुष अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा।
जिन्होंने बताया कि मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टैक्नालाजी भोपाल ने असिस्टेंट ग्रेड-टू पद के लिए विज्ञापन निकाला था। जिसके आधार पर याचिकाकर्ता ने आवेदन प्रस्तुत किया। उसके पास एमटेक की मास्टर डिग्री है। लेकिन उसकी इस डिग्री को मास्टर डिग्री न मानते हुए साक्षात्कार में शामिल होने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।
इसी रवैये को याचिका के जरिए चुनौती दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि एमटेक की डिग्री मास्टर डिग्री की श्रेणी में आती है। इस सिलसिले में दिल्ली हाईकोर्ट का न्यायदृष्टांत मार्गदर्शी है। हाईकोर्ट ने तर्क सुनने के बाद अंतरिम राहत प्रदान कर दी। साथ ही मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टैक्नालाजी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
