स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों को सूटेबल कॉलेज में किया जाये शिफ्ट

जबलपुर: नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्यनरत छात्रों को तत्काल सूटेबल कॉलेज में शिफ्ट करने के आदेश जारी किये है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जीएनएम डिप्लोमा में अध्यनरत छात्रों के संबंध में निर्देश आगामी सुनवाई की जायेगी।

गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल तरफ से प्रदेश में फर्जी तरह से संचालित नर्सिंग के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की जांच के निर्देश दिये थे। सीबीआई जांच में अनसूटेबल पाये गये छात्रों का स्थानांतरण सूटेबल कॉलेज में किये जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया था। जिसकी सुनवाई करते हुए अनसूटेबल कॉलेज के छात्रों का स्थानांतरण सीबीआई जांच में सूटेबल कॉलेज में किये जाने के आदेश जारी किये थे।

आदेश के बावजूद भी छात्रों को स्थानांतरण सूटेबल कॉलेज में किये जाने की मांग करते हुए याचिकाकर्ता की तरफ से अवमानना आवेदन दायर किया गया था। जिसके सुनवाई के दौरान नर्सिंग काउंसिल की तरफ से न्यायालय को बताया गया कि नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियमों में किसी जिले के छात्रों को उसी जिले में स्थानांतरित करने संबंधी प्रावधान के चलते सभी हजारों छात्रों को स्थानांतरित करने में सीटों की समस्या आ रही है।

युगलपीठ छात्र हित को ध्यान में रखते हुए मान्यता नियम के उस प्रावधान को इस प्रयोजन हेतु शिथिल करते हुए नर्सिंग काउंसिल को आदेश दिए हैं कि तत्काल स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को सूटेबल कॉलेज में शिफ्ट किया जाए साथ ही कोर्ट ने कहा कि जीएनएम डिप्लोमा में अध्यनरत छात्रों के संबंध में अगली सुनवाई पर विचार करने के निर्देश जारी किये है।

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