दिल्ली में ग्रैप-4 हटा, ग्रैप-3 की पाबंदियां अब भी लागू

नयी दिल्ली, 24 दिसंबर (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के चरण-4 को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया, हालांकि निचले स्तर के तहत सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय जारी रहेंगे।

ग्रैप पर सीएक्यूएम की उप-समिति ने एक आधिकारिक आदेश में स्टेज-4 के प्रतिबंधों को वापस लेते हुए मंगलवार से दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में लगातार सुधार, अनुकूल फैलाव की स्थिति और आईआईटी दिल्ली एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)-आईआईटीएम सहयोग के पूर्वानुमानों का हवाला दिया।

आदेश में कहा गया है कि मंगलवार शाम से तेज हवाओं और अनुकूल मौसम की स्थिति ने हवा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद की, जिससे बुधवार को दिल्ली का एक्यूआई गिरकर 271 हो गया, जो मंगलवार के 412 से काफी कम है। इससे यह एक दिन पहले की ‘गंभीर’ श्रेणी से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गया।

मौसम विभाग और आईआईटीएम द्वारा किये गये पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली का औसत एक्यूआई ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की संभावना है। सुधार के रुझान को देखते हुए सीएक्यूएम ने ग्रैप-4 उपायों को रद्द करने की घोषणा की है। ग्रैप-3 तक के उपाय जारी रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि ग्रैप के तीसरे चरण के प्रतिबंधों की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट के बीच 13 दिसंबर को स्टेज-4 उपाय लागू किये गये थे।

स्टेज-3 प्रतिबंधों में गैर-जरूरी निर्माण पर प्रतिबंध, स्टोन क्रशर और ईंट भट्टों को बंद करना, और डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध जैसे कम शामिल है। इसके तहत दिल्ली और पड़ोसी एनसीआर क्षेत्र में बीएस-4 मानदंडों से नीचे के डीजल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं है।

ग्रैप-2 उपायों के तहत दिल्ली और पड़ोसी एनसीआर राज्यों में केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालयों में सार्वजनिक कार्यालयों और नगर निकायों के लिये अलग-अलग समय को भी प्रोत्साहित किया जाता है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ग्रैप-4 के उपायों को हटाने के बावजूद, जिन जगहों को उल्लंघन के लिये क्लोजर नोटिस जारी किये गा चुके हैं, वहां निर्माण-कार्यों पर प्रतिबंध जारी रहेगा और उन्हें तब तक काम फिर से शुरू करने की इजाज़त नहीं होगी, जब तक आयोग सूचित न करे।

 

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