
नई दिल्ली: आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ तथा SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े आरोपों को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति पर चर्चा की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की बैठक में चुनावी राज्यों में संगठन की सक्रियता बढ़ाने, चुनावी मुद्दों को धार देने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति पर मंथन हुआ।
बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी अपनी चुनावी तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाएगी। इसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड समेत आगामी चुनाव वाले राज्यों में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने के तरीकों पर विचार किया गया। चुनावी माहौल में विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब किस तरह दिया जाए, यह भी चर्चा का अहम हिस्सा रहा।
विपक्ष लगातार वोट चोरी और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में बीजेपी इन आरोपों के जवाब में अपना पक्ष जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि विपक्ष के नैरेटिव का राजनीतिक और तथ्यात्मक जवाब कैसे दिया जाए तथा चुनावी अभियान में इन मुद्दों को किस तरह उठाया जाए। इसके लिए रैलियों, मार्च और अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच पहुंचने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
1 नवंबर को रोहतास में रहेंगे नितिन नवीन, CM नायब सैनी भी होंगे शामिल
इसी रणनीति के तहत 1 नवंबर को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार के रोहतास में रहेंगे। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भी शामिल होने की बात है। यहां विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब देने और पार्टी का पक्ष रखने की तैयारी है।
बीजेपी इस कार्यक्रम के जरिए विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करने के साथ-साथ अपने राजनीतिक संदेश को जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी। पार्टी की रणनीति है कि चुनावी राज्यों में विपक्ष के आरोपों के बीच अपना पक्ष मजबूती से रखा जाए और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए।
कुल मिलाकर, बीजेपी की इस बैठक का फोकस आगामी पांच राज्यों के चुनावों की तैयारी, चुनावी अभियान की दिशा तय करने और वोट चोरी व SIR के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने पर रहा। अब देखना होगा कि इस रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए पार्टी किन कार्यक्रमों और अभियानों को अंतिम रूप देती है।
