रीवा:नहर निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों के विरूद्ध नियम अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. केवल किसी व्यक्ति का भू अर्जन के बाद भुगतान न होने से नहर निर्माण का कार्य नहीं रोका जा सकता है. नहर निर्माण का कार्य रोकने से बाकी किसानों के आर्थिक समृद्धि में रुकावट उत्पन्न होती है. केवल कोर्ट के द्वारा रोक लगाने से ही कार्य रोका जा सकेगा. उक्त निर्देश रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने बुधवार को जल संसाधन विभाग एवं विद्युत विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में दिए. कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कई लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजना एवं जलाशय निर्माण के लिए भू अर्जन की कार्रवाई की गई है.
भू अर्जन के दायरे में आने वाले व्यक्तियों को भुगतान राशि भी दी जा रही है. कमिश्नर ने कहा कि भू अर्जन के दौरान सर्वे कर व्यक्तियों के नाम और सामग्री की मार्किंग की जाती है लेकिन उसके बाद भी कुछ नाम यदि शेष रह जाते हैं या छूट जाते हैं और नए नाम सामने आते हैं तो ऐसे नए नामों का प्राथमिकता से वेरिफिकेशन किया जाए. साथ ही उस दौरान सर्वे करने वाले व्यक्तियों की इस गलती के लिए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी की जाए. कमिश्नर ने कहा कि यदि राजस्व या जल संसाधन विभाग की गलती से कोई नाम छूट गया है तो ऐसे में संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुध कडी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
कमिश्नर ने कहा कि प्रथम पब्लिकेशन के बाद नहर निर्माण का कार्य शुरू किया जा सकता है और नहर निर्माण के कार्य में रुकावट पैदा करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. बैठक में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर ने बताया कि बाणसागर में पर्याप्त पानी है और सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जाएगा. 6 मीडियम टैंक, 103 माइनर, 12 बड़े तालाब में 90 प्रतिशत से ऊपर जल भराव है.
ऐसे में सिंचाई के लिए और उपयोग के लिए जल की कोई कमी नहीं होगी. विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए की हर ग्राम पंचायत में एक प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली लगवाई जाए. इसके लिए गांव के सक्षम व्यक्ति का चुनाव अनिवार्य रूप से किया जाए. कमिश्नर ने निर्देश दिए कि विद्युत विभाग के अधिकारी शहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर स्थापित करने के संबंध में आम जनता में जो भ्रांतियां हैं उसको प्राथमिकता से दूर करें और बताएं कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिलिंग कम आती है. बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल एवं जल संसाधन विभाग तथा विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे.
