अस्ताना, 28 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय पहलवान काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने बुधवार को विश्व चैंपियनशिप में अपने ऐतिहासिक सफर का समापन किया। दोनों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेले और दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए।
76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में, 18 वर्षीय काजल का मुकाबला यूक्रेन की अनस्तासिया अल्पयेवा से हुआ। दो बार अंडर 20 विश्व चैंपियन बनने के बाद, सीनियर विश्व चैंपियनशिप में अपना डेब्यू कर रहीं काजल ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन वे 6-8 से हार गईं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में, 26 वर्षीय नीलम के सामने जापान की चार बार की विश्व चैंपियन युई सुसाकी की कठिन चुनौती थी। 0-5 से पिछड़ने के बाद, उन्हें ‘फॉल’ (चित होने) के कारण हार का सामना करना पड़ा।
इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए एक नया मील का पत्थर है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब विश्व चैंपियनशिप के एक ही संस्करण में दो भारतीय महिलाओं ने फाइनल में जगह बनाई हो। इससे पहले 2021 में अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं, और अब इन खिलाड़ियों ने उस सफलता को और आगे बढ़ाया है।
फाइनल तक पहुंचने के सफर में काजल ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। सेमीफाइनल में वे 1-7 से पिछड़ रही थीं, लेकिन शानदार वापसी करते हुए उन्होंने किर्गिस्तान की आइपेरी मेदेत किज़ी को 10-7 से हरा दिया।
इसी तरह, नीलम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन संयम दिखाया। उन्होंने कजाकिस्तान की ज़ेनेप बायानोवा को 7-3 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी।
वहीं, 65 किलोग्राम भार वर्ग में रजनीता का सफर रेपेचेज राउंड में समाप्त हो गया। उन्हें जापान की नाना इकेहाता के खिलाफ 2-6 से हार मिली, जिससे वे ब्रॉन्ज मेडल मैच में पहुंचने का मौका चूक गईं।
कल महिला कुश्ती के अंतिम मुकाबले होंगे, जिनमें 55 किलोग्राम और 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल खेले जाएंगे।
