घाटे से पेंच क्षेत्र को उबारना लक्ष्य, कामचोरी पर लगेगी लगाम

परासिया। करोड़ों रुपये के घाटे में चल रहे पेंच क्षेत्र को घाटे से उबारना मेरी प्राथमिकता है। नवीन खदान परियोजनाओं के साथ चालू खदानों के उत्पादन में वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। यह बात पेंच क्षेत्र के नवपदस्थ मुख्य महाप्रबंधक शरद कुमार दीक्षित ने नवभारत से चर्चा के दौरान कही।

कामठी क्षेत्र से स्थानांतरित होकर आए श्री दीक्षित ने बताया कि पिछले दो से तीन दिनों में नैहरिया और महादेवपुरी खदानों के उत्पादन में वृद्धि दर्ज करने में सफलता मिली है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की अन्य चालू खदानों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते घाटे को कम करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ कार्यप्रणाली में सुधार करना जरूरी है। कामचोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और उत्पादन लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें।

पेंच क्षेत्र में लगातार बढ़ता घाटा, उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि और श्रमशक्ति का समुचित उपयोग नए मुख्य महाप्रबंधक के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं। इसके साथ ही भूमिगत खदानों के कार्यों के लिए नियुक्त ऐसे कर्मचारियों को, जो कथित तौर पर सरफेस पर कार्यरत हैं और भूमिगत कार्य के अनुरूप वेतन प्राप्त कर रहे हैं, उनके मूल कार्यों पर वापस तैनात करना भी चुनौतीपूर्ण होगा।

श्री दीक्षित ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य पेंच क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना, उत्पादन बढ़ाना और कार्यप्रणाली में अनुशासन स्थापित करना है। अब देखना होगा कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र घाटे से उबरने और उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कितनी प्रगति करता है।

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