
सिंगरौली । एनसीएल सिंगरौली द्वारा सीएसआर फंड के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन की खुली लूट और सुनियोजित वित्तीय बंदरबांट का एक बड़ा मामला सामने आया है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजेश सोनी ने इस महाघोटाले के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए देश के केंद्रीय कोयला मंत्री, सीबीआई निदेशक, सीव्हीसी और एनसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को औपचारिक रूप से उच्च स्तरीय और साक्ष्यों से युक्त शिकायत दर्ज करा दी है। प्रेस को जारी बयान में आप नेता राजेश सोनी ने खुलासा किया कि एनसीएल द्वारा नन्हा सा दिल योजना के नाम पर श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट को कुल 5,99,41,510 रूपये, लगभग 6 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है।
सूचना का अधिकार के तहत जब इस योजना के वास्तविक धरातलीय आंकड़े, बच्चा-वार और दिनवार चिकित्सा बिलों का ब्योरा मांगा गया, तो एनसीएल के सीएसआर विभाग द्वारा प्रस्तुत ऑडिटेड यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट और फंड रिलीज के आंकड़ों में गंभीर विसंगतियाँ पाई गईं। इससे यह साफ हो गया है कि कागजी आंकड़े और फर्जी रिपोर्ट्स तैयार कर सार्वजनिक धन का भारी गोलमाल किया गया है। वहीं जब इस पूरे वित्तीय फर्जीवाड़े का हिसाब मांगने के लिए आरटीआई आवेदन लगाया गया, तो एनसीएल के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी ने अपनी खाल बचाने के लिए मनमाने और गैर-कानूनी तरीके से धारा 8(1) (आई)और धारा 11 का बहाना बनाकर जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। श्री सोनी ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि कानूनन आरटीआई अधिनियम की धारा 10 के तहत बच्चों की व्यक्तिगत पहचान को सुरक्षित रखते हुए वित्तीय बिलों और खर्चों का पारदर्शी ब्योरा देना अनिवार्य था, परंतु एनसीएल प्रबंधन ने अपने भ्रष्ट आचरण और वित्तीय घपलों को छिपाने के लिए कानून का घोर दुरुपयोग किया है।
