नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (वार्ता) अब जनगणना में गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) की ड्यूटी के लिए सरकारी, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों, सोसायटी या ट्रस्ट के शिक्षकों को नियुक्त किया जा सकेगा।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों तथा विभिन्न संस्थानों के क्लर्क और अन्य अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकेगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन किया है। संशोधन से संबंधित अधिसूचना शुक्रवार को जारी की गई।
अधिसूचना के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों, कंपनियों, संस्थानों, सोसायटी और ट्रस्ट के क्लर्क या किसी अन्य अधिकारी को भी गणनाकर्मी के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन किसी अन्य उपयुक्त व्यक्ति को भी इस काम के लिए चुन सकता है।
यह संशोधन जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 18 की उपधारा (1) के तहत किया गया है। संशोधित नियमों को जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 नाम दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, ये नियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे।