
भुवनेश्वर। भारतीय तटरक्षक बल भुवनेश्वर में 24वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (NMSAR) बोर्ड बैठक आयोजित करेगा। बैठक की अध्यक्षता भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि करेंगे। इसमें देश में समुद्री खोज एवं बचाव तैयारियों को मजबूत करने, संकट संकेतों के प्रबंधन को बेहतर बनाने और तकनीक के इस्तेमाल से बचाव संसाधनों की त्वरित तैनाती पर चर्चा होगी।
बैठक के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निर्बाध संचार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही 7 अक्टूबर को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास SAREX-2026 का उद्घाटन करेंगे। 8 अक्टूबर को पारादीप तट के पास होने वाले खोज एवं बचाव प्रदर्शन का भी वे अवलोकन करेंगे।
यह क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े और जटिल समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यासों में से एक होगा। इसमें भारतीय तटरक्षक बल के 15 पोत, दो डोर्नियर विमान, तीन एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और एक चेतक हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के सी-130जे और एमआई-17 विमान, भारतीय नौसेना के दो पोत, नागरिक एवं राज्य एजेंसियों के संसाधन तथा तटीय सहायता इकाइयां भी अभ्यास में हिस्सा लेंगी।
अभ्यास में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान का परिदृश्य तैयार किया जाएगा। इसमें एक यात्री विमान के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त होने और उसमें सवार 228 लोगों के साथ कंटेनर पोत एमवी जुंबा से टकराने जैसी स्थिति का अनुकरण किया जाएगा। अभ्यास में एक साथ हवाई और समुद्री आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
इस अभ्यास में 30 देशों के 32 पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे। इससे समुद्री खोज एवं बचाव के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, साझा प्रोटोकॉल और विभिन्न देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूती मिलने की उम्मीद है। NMSAR बैठक और SAREX-2026 का उद्देश्य तकनीक आधारित, तेज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित खोज एवं बचाव व्यवस्था विकसित करना है। यह भारत के SAGAR और MAHASAGAR के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
