नयी दिल्ली, 29 सितंबर (वार्ता) दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें रेड बुल कंपनी को अपने कैफीन युक्त पेय पदार्थों पर “एनर्जी ड्रिंक” शब्द का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया गया था।
अदालत ने मंगलवार को कहा कि खाद्य नियामक ने कंपनी को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिए बिना ही 30 जून को यह आदेश पारित कर दिया था।
इस फैसले से “एनर्जी ड्रिंक” विवरण के उपयोग को लेकर चल रहे विवाद में रेड बुल कंपनी को राहत मिली है। कंपनी ने एफएसएसएआई के निर्देश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि यह आदेश बिना किसी कारण बताओ नोटिस या सुनवाई के जारी किया गया था। कंपनी ने यह चिंता भी जताई थी कि इस नियामक कार्रवाई से भारत में उसके मौजूदा और नियोजित निवेशों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।
यह पूरा मामला एफएसएसएआई के गत 30 जून को जारी एक आदेश से जुड़ा है, जिसके तहत उच्च-कैफीन वाले पेय पदार्थों के निर्माताओं को ऐसे उत्पादों पर “एनर्जी ड्रिंक” शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था जो लागू नियामक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते थे। इसके बाद 17 जुलाई को जारी एक अन्य पत्र में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को गैर-अनुपालन वाले उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था।

