
शाजापुर, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बीकेएसएन शासकीय महाविद्यालय में वर्ष 2018 के नैक एक्रीडेशन के बाद पहली बार बाइनरी नैक एक्रीडेशन की नई व्यवस्था के अनुरूप महाविद्यालय में गठित 10 नैक क्लबों की गतिविधियों, कार्यप्रणाली, दायित्वों एवं दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया से सभी संबंधितों को अवगत कराने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एसकेतिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, प्रशिक्षण आईक्यूएसी एवं नैक कॉर्डिनेटर डॉ.अरुण कुमार बोडाने द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदान किया गया. प्रशिक्षण के दौरान नैक बाइनरी एक्रीडेशन के संदर्भ में गठित 10 क्लबों की भूमिका, उद्देश्य, गतिविधियां, कार्यप्रणाली, वार्षिक कार्ययोजना, विद्यार्थियों की सहभागिता तथा गतिविधियों के प्रमाण एवं अभिलेखीकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. इन क्लबों को नैक के 10 संबंधित एट्रिब्यूट से जोड़ा गया है, जिनमें एकेडमिक एंड करिकुलम क्लब,फैकल्टी डेवलपमेंट एंड मेंटरिंग क्लब,आईसीटी एंड डिजिटल लिटरेसी क्लब, फाइनेंशियल लिटरेसी एंड मैनेजमेंट क्लब, टीचिंग लर्निंग एंड इनोवेशन क्लब, कम्युनिटी आउटरीच एंड सोशल सर्विस क्लब, लीडरशिप एंड गवर्नेंस क्लब, स्किल डेवलपमेंट एंड करियर क्लब, रिसर्च इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप क्लब तथा ईको एंड सस्टेनेबिलिटी क्लब शामिल है.
डॉ.बोडाने ने कहा कि नैक क्लब केवल औपचारिक गठन तक सीमित नहीं रहें, बल्कि महाविद्यालय की गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया के सक्रिय केंद्र के रूप में कार्य करें. प्रत्येक क्लब द्वारा अपने संबंधित एट्रिब्यूट के अनुरूप गतिविधियां संचालित कर उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड, रिपोर्ट, फोटोग्राफ एवं अन्य प्रमाण सुरक्षित रखे जाए क्योंकि महाविद्यालय की गुणवत्ता संस्कृति, शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के समग्र विकास, सुशासन, शोध, कौशल विकास, सामाजिक सहभागिता एवं सतत विकास को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में नैक क्लब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इस अवसर पर महाविद्यालय के आईक्यूएसी के लोगो का पहली बार औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया. साथ ही महाविद्यालय के लिए नए आधिकारिक लेटरहेड को भी जारी किया गया. जिसमें प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एवं आईक्यूएसी के लोगों को स्थान दिया गया है. प्रशिक्षण के दौरान डॉ.अरुण कुमार बोडाने ने बताया कि महाविद्यालय में गुणवत्ता एवं संस्थागत दस्तावेजीकरण को व्यवस्थित और एकरूप बनाने के लिए महाविद्यालय से जारी होने वाले आधिकारिक पत्र, आदेश, प्रमाणपत्र, सूचना एवं अन्य संस्थागत दस्तावेजों में निर्धारित नए लेटरहेड का उपयोग किया जाना चाहिए.
