नयी दिल्ली, 06 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान ने मंगलवार को कहा कि कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के उसके सहयोगी चुनाव आयोग के खिलाफ जो जुलूस नहीं निकाल रहे हैं, वह कुछ और नहीं बल्कि उनका अपनी ‘हार पर खीज निकालना भर है।’ श्री चौहान ने यहां एक बयान में कहा, ” हार को स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है, विपक्ष हार को भी स्वीकार करे। उसे संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार सवाल उठा कर देश को अराजकता की आग में झोंकने का पाप नहीं करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल आज वैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा कर उनको बदनाम करो। वे जिस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे रहे हैं, उसी व्यवस्था के अंतर्गत केरल, कर्नाटक , हिमाचल प्रदेश , पंजाब और झारखंड के चुनाव जीत कर उन्होंने वहां सरकारें बनायी हैं।
श्री चौहान ने सवाल किया, ” इन राज्यों में विपक्ष की सरकार बनीं, क्या वह जीत अवैध थी? अखिलेश यादव और राहुल गांधी बतायें, उत्तर प्रदेश में लोकसभा के जो परिणाम आये थे, सपा की सीटें आईं, क्या वे अवैध थी? विपक्ष से आज देश पूछ रहा है, मृत व्यक्तियों के नाम वोटर लिस्ट में क्यों होना चाहिये? जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम लिस्ट में क्यों होना चाहिये?” श्री चौहान ने कहा कि पवित्र लोकतंत्र के लिए शुद्ध मतदाता सूची जरूरी है। विपक्ष के 19 दल, तीन किलोमीटर का मार्च कर रहे हैं और उनकी मांग, ‘देश को (चुनाव में) बैलेट पेपर के ज़माने में वापस ले चलो।’
उन्होंने ईवीएम की जगह मतपत्र को वापस लाने की कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग पर करारा तंज कसते हुए कहा, ” न मशीन चलेगी, न मतदाता सूची की। … ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर को रद्द करना और बैलट पेपर पर चुनाव कराना, ये खड़गे जी की तीन नान नेगोशिएबल मांग हैं ( जिसपर वह कोई समझौता नहीं करेंगे) ।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस फिर 80-90 के दशक में वापस जाना चाहती है, जब बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मतपेटियां लूट ली जाती थीं, दूसरों के नाम पर वोट छाप दिये जाते थे। उन्होंने कहा कि फ़र्ज़ी वोट रोकने के लिए चुनाव व्यवस्था में लगातार सुधार हुए हैं। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से बूथ लूट पर लगाम लगी और फ़ोटो वोटर आईडी एवं सूची की जांच से फ़र्ज़ी मतदाताओं पर रोक लगी है। एसआईआर भी सुधार की इसी कड़ी का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि मृत, डुप्लिकेट और जगह छोड़ चुके नाम सूची से हटेंगे तभी साफ़ चुनाव होगा। एसआईआर रद्द करने की मांग का मतलब यह मांग करना है कि गड़बड़ सूची पर ही चुनाव होते रहें। श्री चौहान ने विपक्ष से दोहरा रवैया छोड़ने की अपील करते हुए कहा, ” सुधार का रास्ता आगे जाता है, पीछे नहीं। जनादेश का सम्मान कीजिए, सुधार का विरोध नहीं।”

