
सौंसर, एसडीएम सौंसर द्वारा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति, बिजली चोरी रोकथाम और जल संरक्षण को लेकर विद्युत मंडल व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में कृषि सिंचाई को सुगम बनाने और जलस्रोतों के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
*बिजली चोरी पर नकेल और फसलों के लिए सुचारू आपूर्ति-*
एसडीएम ने विद्युत मंडल के उप संभागीय एवं कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए कि बिजली चोरी के खिलाफ तत्काल विशेष दल गठित कर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जिन गांवों में कपास, संतरा एवं तुअर की फसलें अधिक हैं, वहां कृषि विभाग के साथ समन्वय बनाकर अधिकारी गांवों का भ्रमण करें और किसानों को सिंचाई के लिए नियमानुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
*सायखेड़ा डैम और जाम नदी में अवैध मोटर पंपों पर जांच के आदेश-*
बैठक में यह बात सामने आई कि सायखेड़ा डैम और रझाड़ी पिपला में जाम नदी से अवैध रूप से मोटर पंप लगाकर खेतों में सिंचाई की जा रही है। एसडीएम ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को डैमों से अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच करने और अवैध रूप से पानी खींचने वालों के खिलाफ तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
*जल संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता, फिजूलखर्ची पर रोक-*
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तालाबों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों के पानी का अनावश्यक दोहन किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए। किसानों की सिंचाई की आवश्यकता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखना प्राथमिकता है। प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे जल का समुचित व आवश्यकतानुसार उपयोग करें तथा जल संरक्षण में सहयोग दें।
*हादसों से बचाव के लिए डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स सुरक्षित ऊंचाई पर लगेंगे-*
जनहानि और मवेशियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया है कि रोबस्ट फ्यूज यूनिट डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स सुरक्षित ऊंचाई पर लगाए जाएं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या करंट लगने के खतरे को टाला जा सके।
