नयी दिल्ली, 05 अक्टूबर (वार्ता) वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 57वीं बैठक राष्ट्रीय राजधानी में अब आठ अक्टूबर को होगी।
यह महत्वपूर्ण बैठक एक साल से अधिक समय बाद हो रही है। बैठक में इस एकीकृत अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार करने वाले फैसलों की संभावना है।
परिषद की एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि बैठक पुनर्निधारित कार्यक्रम के अनुसार आठ अक्टूबर को यहां भारत मंडपम में सुबह 11 बजे शुरू होगी।
जीएसटी परिषद वस्तु एवं सेवा कर के मामलों में सर्वोच्च अधिकार प्राप्त निकाय है। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य होते हैं।
जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक तीन सितंबर 2025 को हुई थी जिसमें जीएसटी की दरों और ढांचे में बड़े बदलाव किए गए थे और उसके निर्णय 22 सितंबर से लागू किए गए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के अगले चरण का समर्थन करते हुए कहा है कि प्रस्तावित बदलाव कर व्यवस्था को अधिक सरल बनाएंगे तथा कर दायित्वों को लेकर पूर्वानुमान लगाने में आसानी होगी। श्रीमती सीतारमण की ‘एक्स’ की एक टिप्पणी को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने आज ही कहा, “अगली पीढ़ी की जीएसटी प्रणाली कराधान को अधिक सरल बनाएगी तथा उसके बारे में अनुमान लगाना और आसान होगा। इससे अनुपालन आसान होगा, रिफंड प्रक्रिया में सुधार आएगा और कारोबारियों को निवेश तथा विस्तार के लिए अधिक भरोसा मिलेगा। सरकार इन सुधारों को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जोड़कर देख रही है।”
वित्त मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण पहले किए जा चुके बदलावों को आगे बढ़ाएगा और कर प्रणाली को करदाताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने पर केंद्रित होगा।
