
दमोह। न्यायालय पंकज कुमार वर्मा, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश दमोह की अदालत ने अभियुक्तगण अब्दुल अकील खान पिता नसीर खान, उम्र- 35 वर्ष व नसीर खान पिता अब्दुल रज्जाक, उम्र- 59 वर्ष, दोनों निवासी- अजमेरी हाल के पास, बजरिया वार्ड नं.-4, हजारी की तलैया, थाना कोतवाली को सजा सुनाई है। न्यायालय द्वारा दोनों अभियुक्तों को बी.एन.एस. 2023 की धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) में आजीवन कारावास व 1,000-1,000 रूपये अर्थदंड से दण्डित किया गया।
मामले में पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सतीश कपस्या व एडीपीओ एन. पी. पटेल, दमोह द्वारा की गई सहायक विनय नामदेव द्वारा आवश्यक सहयोग किया गया
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है। 11 जुलाई 2025 को शाम लगभग 06:30 बजे अजमेरी गार्डन तिगड्डा, दमोह के पास, सह-अभियुक्त नसीर खान द्वारा मुख्य अभियुक्त अब्दुल अकील को किए गए इशारे के तत्काल बाद अभियुक्त अब्दुल अकील ने अपनी सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक MP-20-CF-4322 को अत्यधिक तेज गति व दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से मृतक रक्के उर्फ राकेश रैकवार के ऊपर चढ़ा दिया तथा कार से उसे घसीटते हुए लगभग 80 फुट तक ले गया। इस घटना के परिणामस्वरूप मृतक को अत्यंत गंभीर आंतरिक व बाह्य चोटें आईं और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई फरियादिया खिलौनाबाई की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली दमोह में अपराध क्रमांक 520/2025 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में आई मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर विश्वास करते हुए तथा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपीगण को आजीवन कारावास से दंडित किया।
