
इंदौर। गणेश उत्सव के अंतिम दिन शहर में भक्ति और भावनाओं का संगम देखने को मिला। घर-घर और पंडालों में विराजे बप्पा की विदाई पर भक्तों की आंखें नम हो गईं।
किसी ने निर्मित कुंड में तो किसी ने घर पर ही विधि-विधान से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया। आरती, जयकारों और नम आंखों के बीच हर ओर एक ही स्वर गूंजा – “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”
