कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले एक पुराने मामले में गिरफ्तार हुए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गुरूवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी।
इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने कहा, “मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए। मैं उन्हें अंतरिम जमानत दे रहा हूं। उन्हें चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने दें, बाकी मामला, केस के नतीजे पर निर्भर करेगा।”
न्यायालय इस मामले पर शुक्रवार को भी सुनवाई करेगा। इससे पहले न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने भी प्रधान के खिलाफ 12 अक्टूबर तक किसी भी नयी दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
गौरतलब है कि श्री प्रधान को 18 सितंबर को पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर से वर्ष 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े पुराने गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई लंबित वारंट के आधार पर की गई है, जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई उनके उम्मीदवार को चुनाव प्रचार से दूर रखने की राजनीतिक साजिश है।
नंदीग्राम में आगामी 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और चुनाव के परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
