
जबलपुर। तिलवारा थाना अंतर्गत लम्हेटा घाट के पास मंगलवार रात उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक कार अचानक आग का गोला बन गई। कार में दो मासूम बच्चों और महिला समेत एक ही परिवार के चार लोग सवार थे। गनीमत रही कि कार चालक पति ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और आग की लपटें फैलने से ठीक पहले पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, करमेता रेवा नगर निवासी अवस्यम प्रियदर्शी मंगलवार शाम अपनी कार क्रमांक एमपी 20 सीजी 7383 से परिवार सहित तिलवारा दर्शन करने के लिए निकले थे। कार में उनकी पत्नी पूजा, उनका 9 वर्षीय बेटा और 4 वर्षीय बेटी सवार थे। रात करीब 7:45 बजे जब उनकी कार लम्हेटा घाट के समीप पहुंची, तभी अचानक कार के इंजन से भारी धुआं उठने लगा। धुआं देखकर अवस्यम ने तुरंत गाड़ी किनारे रोकी और नीचे उतरे। कार के बोनट से चिंगारियां निकलती देख वे खतरे को भांप गए। उन्होंने अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को तुरंत कार से बाहर खींचा। परिवार के बाहर आते ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी कार धू-धू कर जल उठी। सडक़ पर जलती कार को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में लगी भीषण आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कार पूरी तरह जलकर चुकी थी। मामले की जानकारी देते हुए तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि कार पूरी तरह जल चुकी है, लेकिन राहत की बात यह है कि समय रहते सभी लोग बाहर आ गए थे। परिवार के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित है। प्राथमिक रूप से आग लगने का कारण इंजन में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
