नयी दिल्ली, (वार्ता) फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) ने वित्त मंत्री और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण से पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में जीएसटी को तार्किक बनाये जाने का अनुरोध किया है।
एफएचआरएआई ने यह अपील भारतीय पर्यटन को आर्थिक विकास का उत्प्रेरक बनाने और भारत के विजनएट2047 के अनुरूप वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के उद्येश्य से की । एफएचआरएआई ने गुरुवार को एक बयान में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी सुधारों पर की गयी ऐतिहासिक घोषणा का स्वागत किया और कहा कि यह घोषणा कर प्रणाली को मजबूत करने, अनुपालन को सरल बनाने और सतत विकास का मार्ग प्रशस्त करने के प्रति इसे सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
एफएचआरएआई के अध्यक्ष के. स्यामा राजू ने कहा, “ पर्यटन केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास इंजन है। जीएसटी का तार्किकरण भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, यात्रियों के लिए किफायती और निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने के लिए आवश्यक है। सहायक नीतिगत उपायों के साथ, भारतीय पर्यटन जीडीपी में अपना योगदान दोगुना कर सकता है, लाखों नौकरियां पैदा कर सकता है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”
श्री राजू ने कहा कि पर्यटन लंबे समय से भारत के प्रमुख विकास स्तंभों में से एक रहा है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग पांच प्रतिशत का योगदान करता है। उपयुक्त नीतिगत समर्थन मिलने पर यह योगदान दोगुना हो सकता है। यह क्षेत्र सबसे बड़े रोज़गार प्रदाताओं में से है, जो युवाओं और महिलाओं के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध कराता है।
