सतना: भगवान राम की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध चित्रकूट की पहचान अब फिल्मी पर्दे के जरिए कुछ ऐसे स्थानों तक भी पहुंच रही है, जो लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच तो जाने जाते थे, लेकिन व्यापक स्तर पर चर्चा में नहीं थे। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग चित्रकूट और आसपास के कई इलाकों में होने के बाद इन जगहों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
फिल्म में चित्रकूट के धार्मिक और आध्यात्मिक परिवेश के साथ यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म की लोकेशन के लिए ऐसे स्थानों को चुना, जो फिल्म की कहानी और नीम करौरी बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप नजर आएं।
इन जगहों पर हुई फिल्म की शूटिंग
फिल्म के अलग-अलग दृश्यों की शूटिंग परसौजा गांव, टाठी घाट, रामघाट, पंजाबी बाबा आश्रम, शिवरामपुर और धारकुंडी स्थित परमहंस आश्रम सहित कई स्थानों पर की गई। इन लोकेशन में जंगल, पहाड़, आश्रम और मंदाकिनी नदी के किनारे के क्षेत्र शामिल हैं।
फिल्म का शुरुआती दृश्य मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित पंजाबी बाबा आश्रम में फिल्माया गया। वहीं शिवरामपुर में हवालात से जुड़े एक दृश्य की शूटिंग की गई। शूटिंग के दौरान निर्देशक को जानकारी मिली कि जिस कमरे में यह दृश्य फिल्माया जा रहा था, वहां कभी नीम करौरी बाबा के ठहरने की बात भी सामने आई थी।
रामघाट से जुड़े प्रसंग को भी जगह
फिल्म में चित्रकूट के रामघाट को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। रामघाट का संबंध तुलसीदास जी और हनुमान जी से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं से बताया जाता है। इसके अलावा धारकुंडी क्षेत्र के आश्रम और प्राकृतिक परिवेश में भी फिल्म के कई दृश्य फिल्माए गए हैं।
फिल्म के बाद बढ़ी लोकेशन देखने की उत्सुकता
चित्रकूट के कई दुर्गम इलाकों में साधु-संतों की तपस्या और आश्रमों की परंपरा लंबे समय से रही है। कुछ स्थानों तक आम पर्यटकों की पहुंच भी सीमित रही है। ऐसे में फिल्म में इन इलाकों के दृश्य सामने आने के बाद दर्शकों के बीच इनकी वास्तविक लोकेशन जानने और वहां पहुंचने की उत्सुकता बढ़ी है।
‘हनुमान अंश’ के जरिए चित्रकूट के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ उसके प्राकृतिक और आध्यात्मिक परिवेश को भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका मिला है। आने वाले समय में फिल्म की शूटिंग लोकेशन चित्रकूट के पर्यटन आकर्षण में एक और कड़ी जोड़ सकती हैं।
