विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “आज पारो पहुंचकर बेहद खुशी हुई। गर्मजोशी से भरे स्वागत के लिए भूटान के विदेश मंत्री ल्योंपो डी. एन. धुंगयेल का धन्यवाद। मित्रता के हमारे अनूठे संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अपने कार्यक्रमों को लेकर उत्सुक हूं।” विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी इस यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर भूटानी विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत-भूटान के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा के अनुरूप है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता और सहयोग संबंधों को और मजबूत करना है।
भारत और भूटान ने कूटनीतिक, विकासात्मक और जन-केंद्रित पहलों में सहयोग को गहरा करना जारी रखा है। सामुदायिक स्तर की विकास परियोजनाएं भी दोनों देशों के बीच जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रही हैं। अगस्त में भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने जेमगांग के पानबांग में तीन उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं के उद्घाटन की घोषणा की थी। भारत, भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और उसके कुल व्यापार में करीब 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 46 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्शाता है।
श्री जयशंकर की यह यात्रा दोनों देशों के बीच जारी उच्च स्तरीय और संस्थागत जुड़ाव के बीच हो रही है। इससे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने और भूटानी नेतृत्व के साथ आपसी हित के क्षेत्रों पर चर्चा करने का अवसर मिलने की उम्मीद है। यह यात्रा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूटान की तीन दिवसीय यात्रा के तुरंत बाद हो रही है, जो इस सप्ताह के शुरुआत में हुई थी। श्री कुमार ने दोनों देशों के चुनाव आयोग के बीच संस्थागत सहयोग मजबूत करने के प्रयासों के तहत थिमफू में राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की थी।

