नयी दिल्ली, 15 सितंबर (वार्ता) इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (आईसीएआई) 16-18 दिसंबर 2026 तक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम् में ‘वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स’ (वोफा) 2026 का आयोजन करेगा।
यह फोरम में वैश्विक लेखा और वित्तीय समुदाय के प्रतिनिधि एक साथ एक मंच पर प्रौद्योगिकी से चलने वाली और तेजी से आपस में जुड़ती दुनिया में इस पेशे की बदलती भूमिका पर चर्चा करेंगे। इसमें अकाउंटेंसी के भविष्य, नयी प्रौद्योगिकी, भरोसे और गवर्नेंस, सस्टेनेबिलिटी, नियामक बदलावों और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में वित्तीय पेशेवरों की बढ़ती जिम्मेदारियों पर सार्थक बातचीत होगी।
तीन दिन के इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू करेंगे। इसमें पांच हजार से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेखाकार और पेशे से संबद्ध लोग शामिल होंगे। इनमें प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय लेखा संस्थाओं और वैश्विक लेखा कंपनियों के प्रतिनिधि, नियामक, नीति निर्माता, मानक तय करने वाले, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद, प्रमुख कारोबारी और वाणिज्य एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
आईसीएआई के प्रेसिडेंट प्रसन्ना कुमार डी. ने कहा, “चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने हमेशा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, प्रशासन को मजबूत करने और वित्तीय प्रणाली में भरोसा बनाने में अहम भूमिका निभाई है। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं आपस में जुड़ रही हैं और नवाचार वैश्विक वातावरण को बदल रहा है, लेखा का पेशा अपनी पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर नये मौकों को अपना रहा है, मुश्किल चुनौतियों का सामना कर रहा है और सतत विकास तथा सही जानकारी के आधार पर फैसले लेने में ज़्यादा सार्थक योगदान दे रहा है।”
आईसीएआई के उपाध्यक्ष मंगेश किनारे ने कहा कि जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी हमारे काम करने और वैल्यू देने के तरीके को बदल रही है, इस पेशे को भरोसे पर टिके रहना होगा। फोरम के दौरान विभिन्न सत्रों के दौरान उभरते ट्रेंड, वैश्विक श्रेष्ठ व्यवहार और इस पेशे के लिए भविष्य के मौकों के बारे में अहम जानकारी साझा की जाएगी।
