वैष्णव ने गुजरात में चार जीसीटी का किया उद्घाटन, एक की रखी आधारशिला

नयी दिल्ली 15 सितंबर (वार्ता) गुजरात के बंदरगाहों तथा उत्तरी अंदरूनी इलाकों के बीच माल ढुलाई की सुविधा को मजबूत करने के लिए मंगलवार का दिन काफी अहम रहा और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार गुजरात में गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों (जीसीटी) का उद्घाटन करने के साथ ही लिंच जीसीटी की आधारशिला रखी।

श्री वैष्णव ने यहां आयोजित एक समारोह में आभासी माध्यम से राज्य के शिवलाखा जीसीटी से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्री ने जिन चार जीसीटी को राष्ट्र को समर्पित किया, उनमें कच्छ में शिवलाखा और भीमसार, मोरबी में देवलिया और बनासकांठा में चंदिसर स्थित जीसीटी को शामिल हैं। वहीं उन्होंने इस दौरान मेहसाणा के लिंच में जीसीटी का शिलान्यास भी किया।

रेलवे के अनुसार ये टर्मिनल माल ढुलाई के लिए रेल क्षमता बढ़ाने, बंदरगाहों पर भीड़, रुकावटों को कम करेंगे। स्थानीय आर्थिक केंद्रों को बड़े राष्ट्रीय बाजारों और बंदरगाहों से जोड़कर ये जीसीटी इस क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।

इस दौरान श्री वैष्णव ने नमक परिवहन के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक आवश्य सामग्री है। इसका इस्तेमाल गरीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों समेत हर घर में होता है। उन्होंने कहा कि गुजरात विशेषकर कच्छ नमक का एक बड़ा उत्पादक इलाका है और देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाने में पारंपरिक रूप से कई चुनौतियाँ आती रही हैं।

उन्होंने बताया कि रेलवे पारंपरिक वैगनों के ज़रिए जब नमक का परिवहन किया जाता था, तो नमक नमी सोख लेता था, जिससे परिवहन के दौरान माल गीला हो जाता था। इससे लादने और उतारने में भी दिक्कतें आती थीं। उन्होंने बताया कि नया हल्के वज़न वाला स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर खास तौर पर इन चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कंटेनर में ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा है। उन्होंने कहा कि नये कंटेनरों से देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाना आसान हो जायेगा और साथ ही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया भी आसान और ज़्यादा बेहतर हो जायेगी।

श्री वैष्णव ने कहा कि अब पूरे देश में 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं, जिनसे उद्योगों को फायदा हो रहा है और माल ढुलाई की सुविधा बेहतर हो रही है।

उन्होंने बताया कि कच्छ इलाके में मौजूदा समय में लगभग 5,600 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इस दौरान उन्होंने समाखियाली, भचाऊ, गांधीधाम, आदिपुर और भुज को जोड़ने वाले अहम हिस्सों पर क्षमता बढ़ाने और डबलिंग के कामों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भुज-नलिया गेज कन्वर्ज़न परियोजना ने इस इलाके में रेल संपर्क को मज़बूत किया है। उन्होंने यह भी बताया कि नलिया-जखाऊ पोर्ट में नई ब्रॉड-गेज लाइन को भी मंज़ूरी मिल गई है, जिससे इलाके में संपर्क और बेहतर होगा।

कांडला-गांधीधाम औद्योगिक इलाके में रेलवे से जुड़े ढ़ांचागत विकास के बारे में बात करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि क्षमता बढ़ाने के कामों के ज़रिए रेल संपर्क को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समखियाली-भचाऊ सेक्शन को पहले ही चार-लाइन वाला बना दिया गया है। गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन को भी चार-लाइन वाला बना दिया गया है, जबकि आदिपुर-भुज सिंगल-लाइन सेक्शन को डबल-लाइन में बदला जा रहा है।

रेल मंत्री ने कहा कि भुज-नलिया सेक्शन को हाल ही में मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। उन्होंने कहा कि नलिया से जखौ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपार तक के रेलवे नेटवर्क को भी और विकसित किया जा रहा है।

श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार से कच्छ इलाके को, खासकर रक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत की ज़रूरतों के लिए बहुत फायदा होगा। इससे इस चुनौतीपूर्ण इलाके में रहने वाले लोगों को भी लाभ होगा। ये सभी पहल गुजरात में माल ढुलाई और यात्री अवसंरचना दोनों को मज़बूत करेंगी, रेल सेवाओं और कार्गो सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाएंगी और उद्योग, व्यापार और स्थानीय समुदायों के लिए बेहतर रेल संपर्क से फायदा उठाने के ज़्यादा मौके पैदा करेंगी।

समर्पित माल ढुलाई गलियारे के बारे बताते हुए रेल मंत्री ने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए ढ़ांचागत विकास से माल ढुलाई में काफ़ी फायदा होगा, क्योंकि इससे सामान की आवाजाही तेज़ी से और बेहतर ढंग से हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम भी चल रहा है।

मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति गलियारा परियोजना के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसके बाद परीक्षण और उससे जुड़े दूसरे काम किये जायेंगे। श्री वैष्णव ने बताया कि भारत की अपनी उच्च गति ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर कई तरह के परीक्षण किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन देश की आत्मनिर्भर भारत की कोशिशों और उच्च गति रेल तकनीक में ज़्यादा से ज़्यादा स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के तहत विकसित की जा रही है।

इस कार्यक्रम में गुजरात के राज्य मंत्री त्रिकमभाई छंगा, सांसद विनोदभाई चावड़ा, सांसदहरिभाई पटेल, सांसद राजूभाई शुक्ला, माननीय सांसद चंदूभाई सिहोरा के साथ-साथ अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

 

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