
जबलपुर। विजयनगर निवासी एक रिटायर्ड बुजुर्ग को गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च करना भारी पड़ गया । शातिर साइबर ठग ने खुद को चर्म रोग विशेषज्ञ बताकर सेवानिवृत्त कर्मचारी की जीवनभर की गाढ़ी कमाई पर साफ हाथ साफ कर दिया। महज एक अपॉइंटमेंट बुक करने और 10 की ऑनलाइन टोकन फीस के जाल में फंसाकर ठग ने पीडि़त के पेंशन खाते से 16,40,000 रुपये उड़ा दिए।
पुलिस के मुताबिक विजयनगर निवासी आशीष कुमार चक्रवर्ती (69) एमपीईई विभाग से रिटायर्ड हैं। पिछले दिनों उन्हें अचानक गंभीर स्किन एलर्जी की शिकायत हुई। घर बैठे डॉक्टर से संपर्क करने के लिए उन्होंने गूगल पर एक नामी चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव सक्सेना का नाम और नंबर सर्च किया। उन्हें क्या पता था कि गूगल पर मौजूद वह नंबर डॉक्टर का नहीं, बल्कि डिजिटल लुटेरों का है। पीडि़त ने जैसे ही उस नंबर पर कॉल किया, सामने वाले ने खुद को डॉक्टर का असिस्टेंट बताते हुए उन्हें अपनी बातों के जाल में उलझा लिया। ठगों ने पीडि़त को झांसा दिया कि डॉक्टर के पास भारी भीड़ है, इसलिए ऑनलाइन फॉर्म भरकर 10 का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। आरोपी ने पीडि़त के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध फाइल भेजी। फोन कॉल पर लाइन पर बने रहकर ठग पीडि़त को गाइड करता रहा और बुजुर्ग ने उस फाइल को इंस्टॉल कर फॉर्म भर दिया। जब पीडि़त के फोन से 10 का भुगतान फेल हो गया, तो ठग ने बड़ी सहूलियत से कहा कोई बात नहीं सर, बुजुर्गों के लिए पैसे बाद में भी लिए जा सकते हैं। आपका अपॉइंटमेंट कंफर्म हो गया है और आपका टोकन नंबर 12 है। विश्वास जीतने के लिए बकायदा व्हाट्सएप पर इसका रसीद नुमा मैसेज भी भेजा गया। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीडि़त का मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो चुका था। ठग ने पीडि़त के फोन का एसएमएस एक्सेस अपने हाथ में ले लिया था, जिससे बैंक के सारे ओटीपी स्वत: ही अपराधियों के पास ट्रांसफर हो रहे थे और बुजुर्ग को भनक तक नहीं लगी। बुजुर्ग का खाता बैंक ऑफ इंडिया की विजयनगर शाखा में है, जिसमें उनकी पेंशन और रिटायरमेंट फंड के पैसे जमा थे। हैकर्स ने खाते से कुल 16.40 लाख गायब कर दिए। जब पीडि़त बैंक पहुंचे और अपना खाता स्टेटमेंट देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है।
