
छिंदवाड़ा। जिले के परासिया क्षेत्र में 12 बच्चों की मौत के बाद मौत के बाद जहां डॉक्टर प्रवीण सोनी गिरफ्तार किया गया है। वहीं दूसरी तरफ ड्रग्स विभाग के दलों ने कार्यवाही करते हुए दो तीन स्टॉकिस्टों पर कार्रवाई की है। जिसमे आयुष मेडिकल में कार्यवाही के दौरान श्री श्रेषन फार्मासिटिकल कम्पनी के अन्य सिरप प्रोनेट-एक्स टी, हैपसांडिन सिरप, रेस्पो लाइट और प्रोनेट शामिल है। वही न्यू अपना और आशीर्वाद मेडिकल में भी कार्रवाई की है। जांच दल में बालाघाट और छिंदवाडा के अधिकारी शामिल है। एतिहात के तौर पर इन सभी सिरप को जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि इसके पूर्व बच्चों को कोल्ड्रिफ् और नेक्सट्रो-डीएस दिया गया था। जिसके पीने से बच्चों की किडनी फैल होने से मौत हुई थी।
जांच में अधिक पाया केमिकल
दरअसल कोल्ड्रिफ् और नेक्सट्रो डीएस सिरप को जांच के लिए लेब भेजा गया था। जांच में डाय एथेलिनग्लायकॉल 46 फीसदी पाया गया था। जबकि नियम के मुताबिक 1 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।
