वाशिंगटन, 15 सितंबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को लेकर रिपब्लिकन सांसदों में संशय है, जिसमें कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बरकरार रहने पर वयस्क अमेरिकी नागरिकों को 5,000 डॉलर देने की बात कही गयी है।
इस प्रस्ताव का भविष्य अभी तय नहीं है, लेकिन रिपब्लिकन सांसद इसके समर्थन में खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।
लुइसियाना के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी ने कहा, “जब तक मुझे यह पता नहीं चलता कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, मैं इस पर कोई राय नहीं दूंगा। 1.2 ट्रिलियन डॉलर उधार लेकर चेक बांटने का मैं समर्थन नहीं करता।”
नॉर्थ कैरोलिना के सीनेटर टेड बड ने कहा कि वह इस बारे में और जानकारी चाहते हैं, जबकि मोंटाना के सीनेटर स्टीव डेन्स ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह योजना कैसे काम करेगी। उन्होंने करीब 40 ट्रिलियन डॉलर के राष्ट्रीय कर्ज को लेकर भी चिंता जतायी।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट के बहुमत नेता जॉन थ्यून ने भी कहा कि अभी कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, “अभी कोई विशिष्ट प्रस्ताव नहीं है। जाहिर तौर पर इसे आगे बढ़ाने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका होगी।”
श्री ट्रंप के प्रस्तावित ‘ट्रंप डिविडेंड’ को लेकर दो अहम सवाल हैं कि इसके दायरे में कौन आएगा और इस पर कितना खर्च होगा।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि अमीर अमेरिकियों को इस भुगतान से बाहर रखा जा सकता है। हालांकि, ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि यह राशि “अमेरिका के हर वयस्क नागरिक” को दी जा सकती है। सभी पात्र वयस्कों को भुगतान करने पर इसकी लागत करीब 1.3 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है।
यह राशि अमेरिका द्वारा हर साल टैरिफ और अन्य सीमा शुल्क के रूप में जुटायी जाने वाली रकम से तीन गुना से भी अधिक होगी।
लुइसियाना के हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने रविवार को कहा कि किसी भी तरह का भुगतान करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। एनबीसी न्यूज ने जब उनसे पूछा कि क्या वह लोगों को ये चेक मिलने की प्रतिबद्धता जताएंगे, तो उन्होंने कहा, “मैं यह प्रतिबद्धता जताता हूं कि कांग्रेस इस पर काम करेगी और आम सहमति बनाएगी, जैसा कि उसे हर दूसरे मामले में करना होता है।”
कुछ रिपब्लिकन सांसद इन भुगतानों के अर्थव्यवस्था पर संभावित असर को लेकर भी चिंतित हैं। टेक्सास के रिपब्लिकन सांसद कीथ सेल्फ ने एक्सियोस से कहा कि अगर यह योजना लागू होती है तो वह लोगों को यह पैसा बचाने की सलाह देंगे, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा, “हम देखेंगे।”
