नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) ब्रिक्स ने बिना किसी देश का नाम लिए शनिवार को एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और परोक्ष प्रतिबंधों की निंदा की।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी नयी दिल्ली घोषणा पत्र में कहा गया है, “हम अंतरराष्ट्रीय नियमों के विपरीत एकतरफा दमनकारी उपायों की निंदा करते हैं। हम दुहराते हैं कि ऐसे कदमों का – जिनमें एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध और परोक्ष प्रतिबंध भी शामिल हैं – मानवाधिकारों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।”
ब्रिक्स ने इस प्रकार के “अवैध उपायों” को समाप्त करने की मांग की जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों तथा उद्देश्यों को कमजोर करते हैं। घोषणापत्र में कहा गया है कि ब्रिक्स देश इस तरह के दमनकारी उपायों की खिलाफत की बात दोहराते हैं।
घोषणापत्र में किसी देश का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन स्पष्ट है कि बात अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों द्वारा रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों तथा रूस से तेल की खरीद जारी रखने के लिए भारत और अन्य देशों पर अमेरिका में ऊंचे आयात शुल्क के संदर्भ में कही गई है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में अपने “पश्चिमी प्रतिस्पर्धियों” पर व्यापार में अनुचित तरीके अपनाने, एकतरफा प्रतिबंध और परोक्ष प्रतिबंध लगाने के मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा था कि रूस के खिलाफ 30 हजार से अधिक प्रतिबंध लगाए गए हैं जो दुनिया के अन्य सभी देशों के खिलाफ लगाए गए कुल प्रतिबंधों का दो गुना है।
