नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने कहा है कि स्टील निर्माण से निकलने वाले ठोस उप-उत्पाद ‘स्टील स्लैग’ से सड़क निर्माण की लागत करीब 40 प्रतिशत तक घटायी जा सकती है और ऐसी सड़कें पारंपरिक सड़कों की तुलना में चार गुना अधिक मजबूत हो सकती हैं।
श्री सिंह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्टील स्लैग से बनी 1.85 किलोमीटर लंबी सड़क को विश्व की सबसे लंबी स्टील स्लैग सड़क के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिलने के अवसर पर स्वदेशी तकनीक को एक परियोजना और एक राज्य तक सीमित न रखकर देशभर में अपनाने का आह्वान किया।
सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने बताया कि सीएसआईआर-सीआरआरआई को ओडिशा में जिंदल स्टील के अंगुल संयंत्र से 40 किलोमीटर सड़क के निर्माण का कार्यादेश मिला है। श्री सिंह ने कहा कि उपयुक्त परिस्थितियों में ऐसी सड़कों के रखरखाव की जरूरत करीब 15 वर्ष बाद पड़ सकती है और यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के जोर के अनुरूप है।
