
देवास। शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। शुक्रवार शाम तेज बारिश के बाद शनिवार को भी बादलों ने डेरा जमाए रखा। सुबह कुछ देर हल्की धूप खिली, लेकिन इसके बाद अचानक आसमान काले बादलों से घिर गया और करीब 15 से 20 मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश के बाद जहां मौसम सुहाना हुआ और लोगों को उमस से राहत मिली, वहीं वार्ड 40 में नाले की व्यवस्था की पोल भी खुल गई। मिल रोड स्थित शिशु विहार स्कूल के समीप नाला ओवरफ्लो होने से पानी सड़क पर बहने लगा। इससे राहगीरों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे हुई बारिश के बाद मिल रोड पर शिशु विहार स्कूल के समीप नाले का पानी अचानक सड़क पर आ गया। कुछ देर तक सड़क पर पानी बहने से राहगीरों और विद्यार्थियों को आवाजाही में परेशानी हुई। बारिश थमने के बाद काफी देर बाद स्थिति सामान्य हुई, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
खास बात यह है कि वार्ड 40 के पार्षद धर्मेंद्रसिंह बैस नगर निगम की स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनके ही वार्ड में नाले का पानी सड़क पर आने से रहवासियों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जल निकासी व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बारिश ने एक ओर जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं वार्ड 40 में सड़क पर बहते नाले के पानी ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि तेज बारिश के दौरान शहर की जल निकासी व्यवस्था कितनी तैयार है। नगर निगम ने मानसून के पूर्व ही शहर के बड़े नालों की सफाई की बात कही थी, लेकिन इस बार बारिश के मौसम में जगह-जगह जलजमाव व नालों का ओवरफ्लो होना व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
पार्षद बोले- बड़े नाले का निर्माण जारी-
वार्ड 40 के पार्षद धर्मेंद्रसिंह बैस ने बताया कि वार्ड में बड़े नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान कहीं पर निकासी प्रभावित होने के कारण पानी सड़क पर आया था। जानकारी मिलने के बाद समस्या को कुछ ही देर में दुरुस्त करवा दिया गया।
शाम होते ही फिर बदला मौसम-
सुबह कुछ देर की बारिश के बाद शाम करीब 5 बजे मौसम ने एक बार फिर करवट ली। काले बादलों के बीच गरज-चमक का दौर शुरू हुआ और इसके बाद रिमझिम बारिश होने लगी। खबर लिखे जाने तक बारिश का क्रम जारी था। लगातार बदलते मौसम के कारण शहर के तापमान में भी गिरावट महसूस की गई और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली।
मौसम बदला तो अस्पतालों में बढ़े वायरल के मरीज-
बार-बार बदल रहे मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। कभी तेज धूप और गर्मी तो कभी रिमझिम बारिश के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल के साथ-साथ निजी क्लीनिकों पर भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है।
सोयाबीन के लिए बारिश अच्छी, गेहूं-चना को अभी पानी का इंतजार-
मौसम फिलहाल फसलों के लिए अनुकूल बना हुआ है। सोयाबीन की स्थिति बेहतर बताई जा रही है, लेकिन गेहूं और चना की बोवनी व सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता बनी हुई है। ग्राम बड़ी चुरलाई के किसान जगपालसिंह सिकरवार ने बताया कि इस बार जल स्रोतों में पानी की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में कमजोर है। उनके खेत के कुएं में पिछले साल इस समय तक पर्याप्त पानी था, लेकिन इस बार जलस्तर काफी कम है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो गेहूं-चना सहित अन्य फसलों की सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
