मानहानि मामले में राहुल गांधी का लिखित खेद आवेदन स्वीकार

जबलपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पनामा मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बेटे का नाम लेने पर हाईकोर्ट में लिखित में खेद व्यक्त किया। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने षिकायकर्ता की सहमति से भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित मानहानि के प्रकरण को निरस्त करने के आदेश जारी किये है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। जिसमें कहा गया था कि 29 अक्टूबर 2018 में झाबुआ की एक चुनावी सभा में राहुल गांधी ने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आवेदक का नाम लिया था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। एमपी-एमएलए कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए समन जारी किये थे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मानहानि के प्रकरण तथा न्यायालय द्वारा जारी समन के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी। याचिका की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की तरफ से खेद आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसमें कहा गया था कि तथाकथित पनामा पेपर्स मामले में गलत से शिकायतकर्ता का नाम ले लिया था। जिसके लिए उन्होने अगले दिन सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया था। उनका इरादा पनामा पेपर्स मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र के नाम का जिक्र करना था।

याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित मानहानि के प्रकरण को समाप्त करने पर सहमति व्यक्त की। एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किये। शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने पैरवी की।

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