
भिंड। गोहद चौराहा थाना क्षेत्र में 23 जून को हुए सड़क हादसे ने आज नया मोड़ ले लिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि प्रॉपर्टी डीलर सचिन तोमर की मौत सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। प्लॉट के लेनदेन के विवाद में आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से फोर-व्हीलर से उनकी ई-बाइक को टक्कर मारी थी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या और षड्यंत्र का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोहद के राय की पाली निवासी 30 वर्षीय सचिन तोमर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। वे अपनी इलेक्ट्रिक बाइक से गांव से गोहद चौराहा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राय की पाली के पास एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सचिन गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया था। वहां अस्पताल में इलाज के दौरान सचिन ने दम तोड़ दिया। जब सचिन का शव गोहद पहुंचा, तो परिजनों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास से शराब की बोतलें और एक अवैध हथियार भी बरामद होने की बात सामने आई है। परिजनों के विरोध और पुलिस की जांच के बाद यह साफ हो गया कि हत्या को एक्सीडेंट का रूप दिया गया है।पुलिस ने मृतक के परिजन की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में अर्जुन सिंह निवासी सहवास, विक्रम सिंह निवासी वार्ड-17 साईंपुरम और मौसम निवासी वार्ड-18 गोहद चौराहा शामिल हैं।
